Posts

Showing posts with the label कहानीबर्बरीककी

वीर बर्बरीक{ खाटू श्याम जी } की कहानी

Image
अचूक और अबैध, ऐसे बाण जो किसी भी अस्त्र के इस्तेमाल से पहले ही सम्पूर्ण युद्ध का विनाश करदे, ऐसे थे नवदुर्गा के वह तीन बाण। अगर इन बाणो का इस्तेमाल महाभारत में होता तो निश्चय ही यह युद्ध कुछ दिन भी क्या कुछ क्षणों में ही समाप्त हो जाता। जी हां, हम आज बात करने जा रहे है भीम और हडिम्बा के पोत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक की।बर्बरीक को तीन बाणधरी, शीश के धनी और हरे का सहारा, खाटूश्याम के नाम से भी जाना जाता है। पर क्या है इस महाशक्तिसाली, अजय वीर की कथा जिसे खुद श्री कृष्ण ने महाशक्तिशाली योद्धा की उपाधि दी थी। स्कन्द पुराण के अनुसार घटोत्कच के शास्त्रार्थ की प्रतियोगिता जीतने पर श्री कृष्ण ने उसका विवाह दैत्यराज मूर की पुत्री मोरवी से करवाया था। घटोत्कच व माता मोरवी को एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई जिसके बाल बब्बर शेर जैसे थे jiske कारण उस बालक का नाम बर्बरीक रखा गया । बर्बरीक में महाबली भीम का अंश के साथ-साथ अपनी दादी हडिम्बा का मायावी अंश भी विद्यमान था जिस कारण वह अत्यंत बलवान और बुद्धिमान था। कथाओ के अनुसार बर्बरीक बालावस्था से ही जिज्ञासु था अतः अपने पुत्र के यह गुण को जानकार, घटोत...